Love Story Hindi – दिल को छू लेने वाली एक अनूठा प्रेम कहानी

Love Story Hindi में हो या किसी भी अन्य भाषा में यह अपना जादू चला ही देता है। प्यार प्रेम या लव इसके कई नाम विख्यात हैं। सुनने में आया है कि इसकी उपस्थित सृष्टि के निर्माण के साथ ही हो गई थी। इतिहास में कृष्ण का राधा के प्रति प्रेम या हीर का रांझा के लिए प्रेम एक अलग ही मिसाल खड़ी करता है।

Love Story Hindi

ताज महल को तो प्यार की निशानी ही माना जाता है। मेरा प्रेम भी कुछ इस तरह सुनहरे अक्षरों में लिखने के काबिल था परन्तु उसके लिए कोई लेखक ही नहीं मिला। इसीलिए खुद ही लिख लिए। 

स्वागत है आपका Hindi DNA की वेबसाइट पर जहाँ मैं आपको Love Story Hindi भाषा में पढ़ने का अवसर देने वाला  हूँ। मैं लिखूंगा और आप पढ़ेंगे।

Love Story Hindi: राहुल की एक अनोखा प्रेम कहानी

मेरा नाम राहुल है। ‘राहुल’ नाम तो सुना होगा। शाहरुख़ खान का प्रसिद्ध फिल्मी नाम है। मेरी Prem Kahani कब शुरू हुई इसका असल में मुझे कभी ज्ञात ही नहीं हुआ। अपने जीवन में प्रेम के कुछ मायने रखे थे। यह कुछ ऐसे थे कि मुझसे किसी को पहली नजर वाला प्यार तो कभी नहीं हो सकता था।

हालांकि मुझे तो कई बार हुआ लेकिन मेरे शर्ट से झांकता हुआ मेरा पेट मुझे प्रेम की नगरी में जाने से हमेशा रोक देता था। इसीलिए मन में यह ठान लिया कि पहली नजर वाला प्रेम एक वहम है, धोखा है। प्यार में शामिल होने के लिए उस लड़की के हृदय में स्वंय की अलोखिक छवि बनाने में जो मजा है वह कहीं अन्य स्थान पर नहीं। 

मेरा स्कूल अब समाप्त हो चुका था। वहाँ पर मेरा शर्मिला स्वभाव मुझे कई लड़कियों में पॉपुलर बना गया ऐसा मुझे लगता था लेकिन बाद में मालूम हुआ वो मेरे शर्मीले स्वभाव के कारण नहीं बल्कि मेरे गोल आकार के शरीर पर मेरे से दोस्ती करते थे। 

स्कूल के पश्चात जब मैंने कॉलेज जाना शुरू किया तब यह मकसद था कि पढ़ाई के साथ एक गर्लफ्रैंड बनाएंगे। गर्लफ्रैंड होना इसीलिए भी जरूरी है ताकि हम अपने दर्द को खुशी को किसी से बांट सके। मुझे मेरी किस्मत पर रत्ती भर भरोसा नहीं था, लेकिन मेरे कॉलेज के पहले दिन ही मेरी किस्मत ने ऐसा रंग दिखाया कि मन करता है अपनी किस्मत को चूम लूं।

कॉलेज का प्रथम दिवस

मैं सुबह जल्दी उठ गया था। चिड़िया चहक रही थी। सूर्य देव अपने प्रकाश से धरती को सुनहरा बना चुके थे। मैं नहाकर बाथरूम से बाहर निकला और अपने कॉलेज के वस्त्र पहनने लगा। जी हाँ! मेरे इस कॉलेज में यूनिफॉर्म पहनने पड़ते हैं। मुझे कपड़े पहनने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

शरीर में पसीना हद से ज्यादा बहने लगा। काफी देर के बाद मुझे जीत मिली। मैं कॉलेज के लिए निकल पड़ा। कॉलेज की बस में चढ़ा तो कुछ जान पहचान के चहरे दिखे और कुछ नए चहरे।

यह जाने पहचाने चहरे तो मेरे स्कूल से ही थे और अनजाने चहरे में कुछ सीनियर्स थे। मैं इधर उधर घबराहट में देखकर एक खाली जगह तलाश कर बैठ गया। बस आगे चली तो एक अलग से गांव में जाकर थमी।

यह गांव हमारे शहर के पास ही था परन्तु मैं कभी इधर आया नहीं था। वहाँ एक परी बस में चढ़ी। परी इसीलिए क्योंकि अभी तक जितनी भी बचपन में परियों की कहानियां सुनता था उसको सत्य साबित कर रही थी। वो लड़की मेरे सामने आने लगी, क्योंकि मेरे साथ वाली सीट खाली थी।

उसने मुझसे पूछा “क्या मैं इधर बैठ सकती हूँ?” मैं उसकी खूबसूरती देख मंत्रमुग्ध हो गया था। वो मुझे पुकारती रही लेकिन मैं तो उसको लेकर पहले ही ऐसी ट्रिप पर निकल चुका था जहाँ केवल मैं और वो हो। फिर अचानक से मुझे मेरे पीछे बैठे लड़के ने हिलाया और कहा कुछ पूछ रही है।

मैंने होश में आकर अपना सिर हिलाया ताकि मैं अपनी सोच से बाहर सच्चाई को देख सकूँ। “पहली नजर वाला प्यार नहीं करना पहले दोस्ती करनी है” अपने आप से कहा। वो लड़की मेरे साथ ही बैठी थी।

उसकी नजर बस के हर जगह दौड़ चुकी थी और मेरे तरफ तिरछी नजर से देख रही थी मैं भी उसे अपनी तिरछी नजर से निहार रहा था। दोस्ती करने के लिए बात करना बहुत जरूरी होता है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैंने उससे बात करने की शुरुआत करी। “जी! नई एडमिशन ली है आपने?” मैंने पूछा। मैं काफी घबराया हुआ था। ऐसा लगा कि कहीं यह सवाल उसे बुरा न लगे। नहीं तो पहले दिन की असल शुरुआत होने से पूर्व ही खामियाजा भुगतना पड़े। 

“जी!, नई एडमिशन लिया है।” उस लड़की ने कहा।

यह सवाल मैंने मात्र बात की शुरुआत करने के लिए की थी। उसके शर्माने के ढंग से यह तो मालूम हो ही गया था कि वह लड़की नई एडमिशन है।

बस के सफर में ही बातचीत होने लगी थी, बातों में ही मालूम चला कि उस लड़की का नाम लावण्या है। लावण्या भी कॉलेज में मेरे ही क्लास में पढ़ती थी। हम दोनों की दोस्ती कॉलेज में चर्चा का विषय बन चुकी थी। हर पल एक साथ रहते हर असाइनमेंट एक साथ ही पूरा करते। मैं उससे नोट्स लेता और उसकी हर प्रोब्लेम्स का हल मेरे पास ही होता। 

हम दोनों की दोस्ती का स्तर काफी ज्यादा बढ़ चुका था जिसके कारण मुझे यह सहूलियत देने लगा कि मैं लावण्या से अपने दिल की बात कह सकता हूँ। लेकिन इतनी दोस्ती के बावजूद मैं उसके सामने अपने मुँह से प्यार का इजहार करने में नाकामयाब रहा। 

एक दिन मैंने हिम्मत कर के व्हाट्सप्प पर उसके नंबर पर एक मैसेज किया। जिसमें मैंने लिखा

“हेलो लावण्या, कैसी हो तुम। तुमसे एक बात कहनी थी। पता नहीं तुम कैसे रियेक्ट करोगी लेकिन तुम्हारे ही कारण मैंने यह समझा है कि अपने दिल की बात साफ साफ कह देनी चाहिए। तुम्हे पता है जब तुम न गुस्सा होती हो तुम्हारी नाक लाल हो जाती है। जैसे अब हो रही होगी।

मैं जानता हूँ तुम्हे गुस्सा आ रहा होगा क्योंकि तुम्हें बड़े बड़े लेख पढ़ने का शौक नहीं। मैं अपनी बात पे आता हूँ। लावण्या मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। मुझे यह भी पता है तुम्हे मेरे से अच्छा कई मिल जाएंगे। मेरे में तो कुछ खास भी नहीं है।

पेट से मोटा और हाइट में छोटा। लेकिन मैं यह जरूर जानता हूँ मैं तुम्हे बेहद खुश रखूंगा। अगर तुम्हें मेरा यह प्रपोसल पसंद है तो प्लीज आज मुझसे कॉलेज के ग्राउंड में मिलने आना।”

मैं यह मैसेज लिखकर लावण्या को भेज देता हूँ। घर पर हर मिनट हर सेकंड का हिसाब रखने लगता हूँ। बस में होता हूँ तो भी उसी के बारे में याद कर रहा होता हूँ। पता नहीं क्या जवाब देगी। लावण्या बस में चढ़ती है।

मेरे साथ वाली जगह आज भी खाली होती है लेकिन आज के दिन लावण्या मेरे साथ नहीं बैठती। यह मुझे बेहद चिंतित कर देती है। लावण्या मुझे कॉलेज में किसी अन्य से मैसेज पहुंचाती है कि उसे मुझसे मिलना है। मेरा दिल जोरों से धड़क रहा होता है। 

ग्राउंड में

ग्राउंड में एक कोने में मैं और लावण्या एक दूसरे के सामने खड़े होते हैं। 

लावण्या :- “क्या मैसेज किया तुमने?

मैं:- वो बस यूंही भेज दिया था, सॉरी। मुझे उसे बताने में दिक्कत हो रही थी।

लावण्या:- ” अच्छा यू ही, फिर तो तुम्हे उस मैसेज का जवाब भी नहीं चाहिए होगा न।

मैं:- नहीं जवाब दे देते तो तसल्ली मिलती, वैसे मुझे आपका जवाब पता है लेकिन आपके मुँह से सुनना चाहता हूँ।

लावण्या:- जो तुम जानते ही हो वही मेरा जवाब है। तुम इतने मोटे हो, हैंडसम भी नहीं और हाइट तो मेरे से भी छोटी है। मैं तुमसे प्यार नहीं करती।

इतना सुनते ही मैं पीछे मुड़कर अपने आंसू छुपाकर निकलने लगता हूँ कि तभी पीछे से लावण्या की आवाज आई। “मैं तुमसे प्यार नहीं करती बल्कि बहुत ज्यादा प्यार करती हूँ।”

यह सुनकर मैं बेहद खुश हो गया और लावण्या से गले मिलने लगा। एक दूसरे से हम दोनों ने अपने प्यार का इजहार किया।

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उम्मीद करता हूँ आपको मेरी यह Prem Kahani पसंद आई होगी। ऐसे ही Love Story Hindi की अन्य कहानियों को भी पढ़े।

धन्यवाद।

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